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Shri Hanuman Jyanti 06-April-2023 (Thursday) "This Temple Has its Great History". Jai Shri Ram..!! | Regd.-06/008/2014/00455 & Niti Aayog Unique.ID.-HR/2018/0222034 | Get Tax Exemption Under Section 80G DONATE NOW | GOOGLE PAY -9717524068 | PAN- AAMAS9996C

About Temple

श्री हनुमान मन्दिर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा की ओर है, इसका कुल क्षेत्रफल 33 X82.6÷9=303 sq fit (10 Marla) है| जहाँ मूर्ति स्थापना की गई है इस स्थान का क्षेत्रफल 9x12 =108 वर्ग फिट है, इस आंकडे को हिन्दु धर्म में शुभ माना जाता हैं, मन्दिर की चार दीवारी में राम-नाम लिखी ईटें लगाई गई हैं और चारों दीवारों में सिवान परिवार के द्वारा लिखी राम-राम नाम की किताबें भी लैमीनेशन सहित ईटों के बीच में चिनवाई गई हैं । दिनांक 06.04.2012 शुक्ल पक्ष की चैत्र पूर्णिमा को संवत् 2069 व शक 1934 में चार फुट छ इंच के लाल पत्थर के हनुमान जी की प्रतिमा का मन्दिर में शुभ आगमन हुआ और स्वामी गंगा दास जी के शिष्य श्री संजय ब्रह्मचारी के सानिध्य में, अनन्त श्री समल्क्रित धर्म सम्राट जगत गुरू शंकराचार्य स्वामी शारदा नन्द सरस्वती जी महाराज शक्ति पीठाधेश्वर कांगडा हिमाचल उतरापथ के शिष्य पंडित श्री धरनीधर झा जी ने विधि विधान से श्री एवं श्रीमती सुनीता रामानन्द सिवान के द्वारा प्राण प्रतिष्ठा करवाई गई, उस समय श्री दिनेश कुमार गौतम व उनके पिता श्री राम कुमार गौतम गाँव अहीर माजरा, गन्नौर, हरियाणा ने इस मूर्ति स्थापना के समय रामेश्वरम व कन्या कुमारी से पवित्र मृदा व जल लाकर अपना अमूल्य योगदान दिया । इसके साथ ही त्रिवेणी, इलाहबाद व मेंहदीपुर बालाजी राजस्थान से भी गंगाजल मंगवाया गया । मन्दिर में दिनांक 15.04.2014 व 16.04.2014 दिन मंगलवार व बुद्धवार शुक्ल पक्ष की चैत्र पूर्णिमा को संवत् 2071 व शक 1936 को हनुमान जयन्ती के अवसर पर 21 इंच चोले वाले हनुमान जी व नरमरदेश्वर महादेव के शिवलिंग व शिव परिवार की भी स्थापना की गई । मन्दिर के परिसर में 1100 रू0/- से ज्यादा दान देने वाले दानियों का नाम सूची में लिखनें का प्रावधान है । मन्दिर अभी निर्माणाधीन है और इसमें स्नान घर, शौचाल्य व सन्तों-भक्तों को ठहरने का स्थान भी बनवानें की योजना है ।

108 श्री हनुमान मन्दिर का इतिहास

* भारत देश के एक राज्य हरियाणा में जिला सोनीपत है, जिसमें एक गाँव बिन्धरौली है जो इन्दिरा नहर के किनारे स्थित है,यह गाँव सोनीपत से करीब 15 किलोमीटर, राठधाना रेलवे स्टेशन से करीब 5 किलोमीटर और गाँव रोहट से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । इस गाँव में सभी समुदाय के लोग निवास करते हैं ।

* गाँव की स्थापना के करीब 600 वर्ष पश्चात् एक ‘सिवान परिवार’ में स्व0 न्यादर के पुत्र स्व0 जुगलाल और उनके पुत्र श्री नान्हे राम व श्रीमती जीवनी देई ने दिनांक 12.01.1968 दिन बृहस्पतिवार समय दोपहर 12.15 बजे एक बालक को जन्म दिया जिसका प्रचलित नाम श्याम रखा गया था।

* स्कूल में शिक्षा दिलवानें के लिये इनका नाम श्याम (प्रचलित नाम) से बदल कर रामानन्द सिवान कर दिया गया और वे आठ वर्ष की आयु से ही श्री हनुमान जी की शरण में आ गए । इन्होंनें इंदिरा गांधी विश्वविध्यालय दिल्ली से स्नातक की उपाधि प्राप्त की, इनके चार भाई व दो बहनें हैं, आप जीवन-यापन के लिये रेलवे की नौकरी करते है, इनका विवाह निनाणिया परिवार गाँव कासन्डा, जिला सोनीपत, हरियाणा में बसे डा0 रतन सिंह की पौत्री, श्री राजेन्द्र सिंह व श्रीमती अंग्रेजों देई की पुत्री सुश्री सुनीता जी से 08.07.1992 में सम्पन्न हुआ था ।

* लगभग 35 वर्षों की तपस्या के पश्चात् भगवान ने इन्हें श्री हनुमान मन्दिर की नींव गाँव बिन्धरौली में रखने की प्रेरणा दी और दिनांक 16.02.2010 को इन्होंने अपने निवास स्थान पर एक बैठक बुलाई जिसमें सभी समाज के लोगों से मन्दिर निर्माण की सहमति प्राप्त की और यह भी निर्णय लिया गया कि मंदिर की नींव दिनांक 30.03.2010 दिन मंगलवार को रखी जाए साथ में यह भी निर्णय लिया गया कि उस दिन भूमि पूजन किया जाए और गाँव के सबसे बुजुर्ग आदमी से इस मन्दिर की नींव रखवाई जाए । यदि अन्य कोई कारण होता है तो श्री नान्हे राम सिवान के कर कमलों से यह नींव रखवाई जा सकेगी ।

* गांव के सबसे वृद्ध सज्जन की अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण चिरंजीवी अक्षय और चिरंजीवी अजय के पिता श्री रामानन्द सिवान (श्याम) ने अपनी पूज्यनीय माता जी बैकुंण्वासिनी श्रीमती जीवनी देई की स्मृति में अपने पिता श्री नान्हे राम सिवान के कर कमलों से दिनांक 30.03.2010 शुक्ल पक्ष की चैत्र पूर्णिमा को संवत् 2067 व शक 1932 के शुभ दिन मंगलवार को नींव रखवाई और मन्दिर के निर्माण हेतु भगवान से आशिर्वाद ग्रहण किया ।